इस समय नही बांधनी चाहिए भाई के राखी

राखी का त्योंहार भाई-बहिन के पवित्र प्यार का पर्व है। ज्योतिष विद्वानों का मानना है कि इस बार की राखी पर शुभ संयोग बन रहे हैं और इनके अनुसार रक्षा बंधन के चार दिन पहले गुरु मार्गी हो रहे हैं जो इस बार की राखी की शुभता को और बढ़ाएगा। वहीं बात करें हिंदू पंचांग की तो उसके मुताबिक 15 अगस्त गुरुवार के दिन नक्षत्र श्रवण, सौभाग्य योग, बव करण, सूर्य राशि कर्क तथा चंद्रमा मकर राशि में रहने वाला है।

भद्रा से मुक्त है इस बार रक्षाबंधन का त्योंहार:

ज्योतिष के अनुसार इस बार श्रवण नक्षत्र और सौभाग्य योग का संयोग देखने को मिलने वाला है जो बहुत कम मिलता है। ऐसे में भाई और बहन के प्रेम का प्रतीक यह त्यौहार हर साल सावन के आख़िरी दिन में मनाया जाता है ओट इस दिन बहनें अपने भाई के हाथ में राखी बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं। वहीं इस दौरान भाई भी अपनी बहनों की ताउम्र उनकी रक्षा करने का वचन देते हैं।

भद्रा समय में नहीं बांधना चाहिए भाई के राखी:

दरअसल एक प्रचलित पौराणिक कथा के अनुसार रावण की बहन शूर्पणखा ने उन्हें भद्रा काल में राखी बांधी थी और ऐसा माना जाता है इसी वजह से ही रावण का विनाश हुआ था अन्यथा रावण का विनाश नहीं होता है।

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