के.डी. डेंटल कालेज एण्ड हास्पिटल में मना ओरल पैथोलॉजी-डे

मथुरा। आज मंगलवार को के.डी. डेंटल कालेज एण्ड हास्पिटल में ओरल पैथोलॉजी-डे मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता डा. श्वेता चौहान ने छात्र-छात्राओं को तम्बाकू सेवन से होने वाले दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए तम्बाकू छोड़ने से होने वाले फायदे भी बताए। ओरल पैथोलॉजी-डे पर छात्र-छात्राओं के बीच पोस्टर और स्लोगन प्रतियोगिता भी हुई तथा विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ कालेज के प्राचार्य डा. मनेष लाहौरी ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पार्चन और दीप प्रज्वलित कर किया।

के.डी. डेंटल कालेज एण्ड हास्पिटल के विभागाध्यक्ष ओरल पैथोलॉजी डा. उमेश चंद्र प्रसाद ने छात्र-छात्राओं को बताया कि डा. एच.एम. ढोलकिया भारत के पहले ओरल पैथोलॉजिस्ट हैं। डा. प्रसाद ने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में पैथोलॉजी का विशेष महत्व है। ओरल पैथोलॉजी यानि मौखिक रोग विज्ञान मुंह से संबंधित रोगों को संदर्भित करता है। यह मूल रूप से बीमारी की पूरी प्रक्रिया पर एक वैज्ञानिक अध्ययन है जो हमारे चेहरे के क्षेत्र तक ही सीमित है। उन्होंने कहा कि ओरल पैथोलॉजी  के अंतर्गत दंत समस्या, मौखिक कैंसर, बैक्टीरिया या फंगल संक्रमण, पीरियाडोंटल आदि समस्याओं का निदान निहित है।

इस अवसर पर डा. रामबल्लभ ने बताया कि  मौखिक रोग विज्ञान (ओरल पैथोलॉजी) एक दंत चिकित्सक पेशे को इंगित करता है जो मुख्य रूप से दांतों के खराब होने से संबंधित है। उन्होंने कहा कि तम्बाकू के सेवन से दंत समस्या के साथ-साथ अन्य बीमारियां लोगों को अपने आगोश में ले लेती हैं। मुख्य वक्ता डा. श्वेता चौहान ने कहा कि जो लोग लम्बे समय से तम्बाकू का सेवन कर रहे हैं उनके लिए इसे छोड़ना सहज नहीं होता लेकिन यदि इंसान इसे छोड़ने का निश्चय कर ले तो वह अपने शरीर में सकारात्मक बदलाव देख सकता है। डा. चौहान ने कहा कि सिगरेट और तम्बाकू के नियमित सेवन से प्रायः इंसान ब्लड प्रेशर के साथ-साथ कैंसर का शिकार हो जाता है।

डा. चौहान ने बताया कि सिगरेट या तम्बाकू छोड़ने के आठ घंटे बाद आपके शरीर में कार्बन मोनोऑक्साइड की दर निष्प्रभावी हो जाती है तथा हार्ट अटैक और दिल की बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है। डा. चौहान ने बताया कि तम्बाकू छोड़ने से तंत्रिका तंत्र को विकसित करने में मदद मिलती है तथा दो से तीन हफ्ते बाद फेफड़े भी सक्रिय हो जाते हैं और उनके काम करने की शक्ति में 30 फीसदी इजाफा हो जाता है। तम्बाकू छोड़ने से शरीर में रक्त संचरण ठीक होता है तथा फेफड़ों में इंफेक्शन का खतरा भी कम हो जाता है। ओरल पैथोलॉजी-डे कार्यक्रम में डा. शिशिर मोहन, डा. गोपा कुमार, डा. नवदीप, प्रशासनिक अधिकारी नीरज छापड़िया, संस्थान के प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं तथा अन्य कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डा. प्रत्या ने किया।

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