गोत्र में शादी की तो बेटी को मार डाला, 80 किमी दूर लाश फेंक आए मां-बाप, ऐसे खुली पोल

 देश की राजधानी दिल्ली से एक बेहद चौंकने वाला मामला सामने आया है। एक 25 वर्षीय युवती के अपने की गोत्र में शादी करने से नाराज़ मां-बाप ने उसकी हत्या कर दी। दंपति ने अपनी बेटी का गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतार दिया। इतना ही नहीं हत्या के बाद उसे कार की पिछली सीट में बैठा पूर्वी दिल्ली स्थित घर से यूपी के सिकंद्राबाद तक 80 किलोमीटर का सफर तय किया और उसका शव एक नहर में फेंक दिया।

शुक्रवार को पुलिस ने मृतका के पिता रवींद्र, माता सुमन, चाचा संजय और ओम प्रकाश, फूफेरा भाई प्रवेश और रिश्तेदारी में ही लगने वाला एक अन्य दामाद अंकित को गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस ने इन्हें अपहरण और हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। डीसीपी (पूर्व) जसमीत सिंह ने कहा पूछताछ के दौरान, परिवार ने कहा कि यह उनके लिए अस्वीकार्य था कि महिला ने उसी गोत्र के साथ किसी से शादी की थी। यह मामला पहली बार 17 फरवरी को पहली बार सामने आया था। जब मृतका शीतल चौधरी के पति अंकित भाटी की शिकायत के आधार पर न्यू अशोक नगर पुलिस स्टेशन में अपहरण का मामला दर्ज किया गया था। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, दोनों ने गुपचुप तरीके से अक्टूबर में शादी की, लेकिन अपने-अपने परिवार के साथ रह रहे थे। 30 जनवरी को, चौधरी ने अपने माता-पिता और परिवार के बाकी लोगों को शादी के बारे में बताया और जिसके बाद उनके परिवार वालों ने उसका गला घोंट दिया। चौधरी और भाटी दोनों के परिवार पड़ोसी हैं और डेयरी का बिज़नस है। अंकित और शीतल तीन साल से एक दौरे को डेट कर रहे थे। शीतल की हत्या करने के बाद, छह आरोपियों के साथ दो कारें सिकंद्राबाद के पास एक गाँव के लिए रवाना हुईं। वहां उन्होने शीतल की लाश को एक नहर में फेंक दिया और दिल्ली वापस आ गए। एक अधिकारी ने कहा, उसके माता-पिता उसके शरीर के साथ एक वैगन-आर में थे, जिसे पीछे की सीट पर सीधा रखा गया था और बाकी के रिश्तेदार दूसरी कार में थे।

17 फरवरी को की गई शिकायत में भाटी ने लिखा है कि उसने 30 जनवरी से अपनी पत्नी से आखिरी बार बात की थी। पुलिस अधिकारी ने कहा भाटी ने उसे फोन करने की कोशिश की, उसके घर, रिश्तेदारों और दोस्तों से मुलाकात की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। उनके रिश्तेदारों ने भी उनके परिवार तक पहुंचने की कोशिश की। यूपी पुलिस को 30 जनवरी को नहर में शीतल का शव मिला और दो फरवरी को पोस्टमार्टम करने के बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया क्योंकि वे उसकी पहचान नहीं कर पाए थे। एक अधिकारी ने कहा, उन्होंने उसके कपड़े और अन्य सामान अलग रख दिए। अपहरण की शिकायत दर्ज होने के बाद, दिल्ली पुलिस की एक टीम चौधरी के परिवार से मिलने पहुंची। शीतल के बारे में सवाल पूछे जाने पर परिवार ने कहा कि वह अपने चाचा से मिलने गई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब हमने उसके परिवार से उसके ठिकाने के बारे में व्यक्तिगत रूप से पूछताछ शुरू की, तब सब ने अलग अलग बयान दिये और परिवार का एक सदस्य टूट गया जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ। पुलिस अधिकारी ने कहा कि जब भाटी के रिश्तेदार ने शीतल के बारे में पूछताछ की तो शीतल के एक रिश्तेदार ने उस से कहा, होगी तो मिलेगी ना जिसके बाद संदेह और बढ़ गया।

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