देशभर में कल इतनी देर के लिए नहीं चलेंगी ट्रेनें, अगर नहीं मानी गई रेलवे कर्मचारियों की ये मांगें

 

देशभर में फैले कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण की वजह से रेलवे कर्मचारियों को अभी तक बोनस नहीं मिला है, जिससे नाराज होकर कर्मचारियों ने 22 अक्टूबर को हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है. रेलवे ट्रेड यूनियन ने 22 अक्टूबर को देशभर में ट्रेनों को दो घंटे तक रोकने की धमकी दी है. ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन पूरे देश में हड़ताल की चेतावनी दी है. बता दें रेलवे कर्मचारी संघ ने धमकी दी थी कि आम तौर पर दुर्गा पूजा के शुरू होने से पहले दिया जाने वाला उत्पादकता से जुड़ा उनका बोनस (productivity linked bonus) जारी नहीं किया गया तो कर्मचारी इसके खिलाफ एक्शन लेंगे.


हड़ताल की तैयारियों में जुटे कर्मचारी
ईसीआरकेयू (ECRKU) के अपर महामंत्री डीके पांडेय और पूर्व सहायक महामंत्री संतोष तिवारी ने बताया कि एआईआरएफ के इस आह्वान का पूर्ण समर्थन करते हुए रेल कर्मचारी हड़ताल की तैयारियों में जुट गए हैं. इससे पूर्व 20 अक्टूबर को बोनस डे मनाया.


संतोष तिवारी ने बताया कि नवरात्र शुरू हो गया है, लेकिन अभी तक केंद्र सरकार ने रेल कर्मचारियों के बोनस की घोषणा नहीं की है. कोरोना महामारी के बीच में भी रेलवे कर्मचारी अपने कामकाज में लगातार लगे रहे. माल ढुलाई में पिछले वर्ष की तुलना में 15 फीसदी ज्यादा रेलवे ने मुनाफा कमा कर दिया है. इसके बाद भी रेलवे ने अभी तक बोनस नहीं दिया है.

नहीं मिलेगा DA एरियर
कोरोना से बचाव के नाम पर पहले ही कर्मचारियों की डेढ़ साल के लिए महंगाई भत्ते के इजाफे में रोक लगा दी. इस साल दीपावली से पूर्व कर्मियों को डीए का एरियर भी नहीं मिलेगा. कर्मचारियों ने पीएम केयर्स फंड में बढ़चढ़ कर आर्थिक सहायता दी.

बैठक में लिया हड़ताल का फैसला
पीएम केयर्स फंड में 50 सरकारी विभाग से जमा कुल 157 करोड़ रुपए में से 90 फीसदी हिस्सा रेल कर्मचारियों की ओर जमा किया गया है. शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के एजेंडे पर एआईआरएफ अपनी नजर बनाए बैठा हुआ था, जब उसमें बोनस पर कोई चर्चा नहीं हुई तो एआईआरएफ के स्टैंडिंग कमेटी की आपातकालीन वर्चुअल मीटिंग हुई. बैठक में बोनस नहीं मिलने पर हड़ताल का निर्णय हुआ है.

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