फरवरी में हुआ 23,102 करोड़ रुपये का शुद्ध विदेशी निवेश

नई दिल्‍ली। वैश्व‍िक मंदी के इस दौर में फरवरी महीने में अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने घरेलू बाजार में 23,102 करोड़ रुपये लगाए हैं।

डिपॉजिटरी के आंकड़ों के ताजा अनुसार, एक फरवरी को पेश हुए बजट 2020 के बाद से ही भारतीय शेयर बाजार की सकारात्मक धारणा बने रहने और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नीतिगत दर मामले में उदार रुख के कारण विदेशी निवेशक घरेलू बाजार में निवेश कर रहे हैं।

इक्विटी में लगाए 10,750 करोड़ रुपये
आंकड़ों के मुताबिक, तीन फरवरी से 20 फरवरी के बीच विदेशी निवेसकों ने इक्विटी में 10,750 करोड़ रुपये और बांड श्रेणी में 12,352 करोड़ रुपये लगाए हैं। वहीं आलोच्य अवधि में एफपीआई का कुल निवेश 23,102 करोड़ रुपये रहा। बता दें कि पिछले साल सितंबर से ही विदेशी निवेशक घरेलू बाजार में शुद्ध निवेशक बने हुए हैं।

इसलिए निवेश कर रहे हैं विदेशी निवेशक
इस संदर्भ में मॉर्निंगस्टार इंवेस्टमेंट एडवाइजर इंडिया के वरिष्ठ विश्लेषक प्रबंधक (शोध) हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा है कि, ‘ एक परवरी 2020 को पेश किए गए बजट के बाद बनी सकारात्मक धारणा और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा हालिया मौद्रिक नीति समीक्षा में उदार रुख बनाये रखने समेत कई कारक हैं, जिन्हें लेकर विदेशी निवेशकों ने बाजार में निवेश किया। आगे उन्होंने कहा कि घरेलू अर्थव्यवस्था की नरमी और कंपनियों के तिमाही परिणामों की धीमी वृद्धि दर के बाद भी घरेलू बाजार में निवेश किए जा रहे हैं।’ साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बजट में लाभांश वितरण कर हटाने तथा कॉरपोरेट बांड में एफपीआई की सीमा नौ प्रतिशत से बढ़ाकर 15 फीसदी करने के फैसले से भी विदेशी निवेशकों का भरोसा बहाल करने में मदद मिली है।

2019 में एफपीआई ने डाले थे 73,276.63 करोड़ रुपये
साल 2019 में एफपीआई ने घरेलू बाजारों (शेयर और ऋण दोनों) में शुद्ध रूप से 73,276.63 करोड़ रुपये डाले थे। बता दें कि जनवरी, जुलाई और अगस्त को छोड़कर एफपीआई साल 2019 के शेष महीनों में शुद्ध लिवाल रहे हैं।

क्या है एफपीआई ?
बता दें कि जब एक अंतरराष्ट्रीय निवेशक, किसी अन्य देश के उद्यम की निष्क्रिय होल्डिंग में निवेश करता है, यानी वित्तीय परिसंपत्ति में निवेश करता है, तो इसे एफपीआई के रूप में जाना जाता है।
– एजेंसी

The post फरवरी में हुआ 23,102 करोड़ रुपये का शुद्ध विदेशी निवेश appeared first on namonamo.in.

Comments are closed.