भारत की 3 कंपनियां कोरोना वैक्‍सीन बनाने के करीब, जल्दी मिलेगी लोगों को खुशखबरी

भारत में कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) के आंकड़े दिनों-दिन बढ़ते जा रहे हैं. भारत कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित दुनिया का दूसरा देश हो गया है. केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के अनुसार, भारत में 49 लाख से ज्यादा मामले अब तक सामने आ चुके हैं. अब तक कोरोना की वजह से  80,776 लोगों की मौत हो चुकी है. इन सबके बीच राहत की खबर ये है कि भारत को जल्द ही कोरोना वैक्सीन (Corona vaccine) मिल सकती है.


मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीजी आईसीएमआर की ओर से कहा गया कि सीरम इंस्टीट्यूट (Serum Institute) की वैक्सीन के 2 फेज पूरे हो चुके हैं और जल्द ही वैक्सीन का फेज 3 शुरू होने वाला है. आईसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव ने कहा गया कि सीरम इंस्टीट्यूट वैक्सीन ट्रायल के फेज 3 में 14 स्थानों पर 1500 रोगियों पर पूरा किया जाएगा. वैक्सीन के ट्रायल का फेज 3 पूरा होने के बाद देश को वैक्सीन मिल सकती है.


रूस से भी कोरोना वैक्सीन की उम्मीद
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, ‘रूस काफी समय से वैक्सीन बना रहा है. उम्मीद है कि कोरोना की वैक्सीन भी अच्छी होगी. वैक्सीन को लेकर भारत की उच्च स्तरीय समिति रूस के संपर्क में है और इसे लेकर मैकनिज्म पर बात चल रही है.


कोरोना के 9,90,061 एक्टिव केस
स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने कहा, ‘देश में कोरोना के एक्टिव केस 9,90,061 है, जबकि अब तक 38,59,399 लोग ठीक हो चुके हैं. भारत में प्रति 10 लाख की आबादी पर 3,573 केस हैं. जबकि अन्य देशों में यह काफी ज्यादा है. भारत में प्रति 10 लाख की आबादी पर 58 लोगों की मौत हो रही है. यह भी दुनिया के कई देशों की तुलना में काफी ज्यादा है.’

5 राज्यों में कोरोना के 60 फीसदी केस
स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव ने कहा, ‘देश के 5 राज्यों में कोरोना के कुल एक्टिव मामलों के 60 फीसदी मामले हैं. महाराष्ट्र में 29.5%, कर्नाटक में 9.9%, आंध्र प्रदेश में 9.4 %, उत्तर प्रदेश में 6.8% और तमिलनाडु में 4.7% एक्टिव केस हैं.’

5 कंपनियों के साथ सीरम इंस्टीट्यूट ने किया करार
बता दें कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया पांच अंतरराष्ट्रीय दवा कंपनियों के साथ करार हुआ है. इनमें एस्ट्राजेनेका और नोवावैक्स भी शामिल है. ऑक्सफोर्ट की एस्ट्राजेनेका के टीके पर रोक लग गई थी लेकिन अब एक बार फिर से परीक्षण बहाल कर दिया गया है. कुछ दिन पहले ब्रिटेन में एक प्रतिभागी में टीके का दुष्प्रभाव सामने आने के बाद वैश्विक स्तर पर परीक्षण रोक दिए गए थे.

क्या प्लाज्मा थेरेपी है इलाज में कारगर?
प्लाज्मा थेरेपी कोरोना के मरीजों के इलाज में कारगर है या नहीं, इसे लेकर स्टडी की जा रही है. भारत में भी इस पर स्टडी हो रही है

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