भारत ही नहीं दुनियाभर में इस चायवाली के दीवाने हैं लाखों लोग, जानिए क्यों

 इंडिया ही नहीं दुनियाभर में हर इंसान के दिन की शुरुआत एक कप चाय (Tea) के साथ होती है। जो लोग घर पर चाय नहीं बनाते वे होटल पर चाय पीते है। लेकिन चाय का बिजनेस आपको एक सफल बिजनेसमैन बना दे ऐसा बहुत कम लोगों के साथ होता है। भारत की ही रहने वाली उपमा विर्दी  (Upma Virdi) ने चाय का बिजनेस कर देश ही नहीं दुनिया में अपनी पहचान ‘चायवाली’ (chai walli) के रूप में बना ली है। आइए आपको बताते है इंडिया की इस चायवाली के बारे में…

30 साल की उपमा चंडीगढ़ में जन्मी थी। अपनी प्रारंभिक पढ़ाई करने के बाद वह लॉ की पढ़ाई करने के लिए ऑस्ट्रेलिया चली गई। वहां वो मेलबर्न में रहने लगीं। इसी दौरान उसे महसूस हुआ कि ऑस्ट्रेलिया में अच्छी चाय मुश्किल से मिलती है और ऑस्ट्रेलिया की इसी जरूरत को पूरा करने का जिम्मा ले लिया। उपमा ने अपने घरवालों के खिलाफ जाकर ऑस्ट्रेलिया में चाय का बिजनेस शुरू किया और जल्द ही ये बिजनेस चल पड़ा।

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इंडिया की उपमा ने अपना नाम ऑस्ट्रेलिया की ‘बिजनेसवुमन ऑफ द ईयर’ के तौर पर दर्ज करा लिया है। उपमा को चाय बेचने का आइडिया अपने दादाजी से मिला। उनके दादाजी चंडीगढ़ में आयुर्वेदिक दवाएं बेचते थे। उनके दादाजी ने ही बताया कि चाय में कौन कौन से मसाले किस मात्रा में डालने चाहिए। जिसे उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में अपनाया। उपमा ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया में ऐसी बहुत कम ही जगहें मिली जहां अच्छी चाय मिलती हो।

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ऑस्ट्रेलिया में टी फेस्टिवल के दौरान उपमा ने कहा कि मैं आस्ट्रेलिया के लोगों को बताना चाहती हूं कि भारतीय चाय का स्वाद दुनिया के बाकी देशों की चाय से अलग है, क्योंकि हम भारतीय चाय को और स्वादिष्ट बनाने के लिए उसमें इलायची, लौंग तथा कई तरह की बूटियों का प्रयोग करते हैं।

उपमा बताती है कि शुरूआत में उनके माता-पिता उनके इस फैसले के खिलाफ थे। उनके माता-पिता का कहना था कि तुम वकील की पढ़ाई करके चाय बेचोगी। लेकिन उन्होंने अपने माता-पिता को समझाया और चाय का ये बिजनेस किया। हाल ही में इंडियन ऑस्ट्रेलियन बिजनेस एंड कम्युनिटी ने उपमा को बिजनेस वुमन ऑफ द इयर 2016 के अवार्ड से नवाजा है।

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