महिलाओ के लिए बहुत जरूरी है ये चीज जाने इस बारे में

महिलाओं का शरीर बहुत नाजुक होता है। महिलाओं को समय समय पर कई टेस्ट करवाए जाते है। पैप स्मीयर टेस्ट को ‘पैप टेस्ट’ भी कहा जाता है। गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर दुनिया भर में अधिकतर महिलाओं की कैंसर से संबंधित मौत का सामान्य कारण बनता है। गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का पता लगाने का सबसे आसान तरीका नियमित पापानिकोलाउ परीक्षण जिसे पैप स्मीयर या ‘पैप टेस्ट’ भी कहते हैं, होता है।

क्या है पैप टेस्ट:

एक पैप स्मीयर, जिसे पैप टेस्ट (Pap test) भी कहा जाता है, गर्भाशय ग्रीवा में कैंसर की जाँच के लिए एक प्रक्रिया है। इस परीक्षण के तहत गर्भाशय ग्रीवा पर पूर्व कैंसर या कैंसर कोशिकाओं की उपस्थिति की जाँच की जाती है। अतः यह टेस्ट वायरल संक्रमण जैसे ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (एचपीवी) का पता लगा सकता है, जो आगे चलकर गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का कारण बनता है।

क्यों किया जाता है टेस्ट:

21 साल की उम्र में महिलाओं को नियमित रूप से पैप टेस्ट कराने की जरूरत पड़ती है। कुछ परिस्थितियों में महिलाओं को कैंसर के जोखिमों में वृद्धि हो सकती है। अतः निम्न परिस्थितियों में महिलाओं को अधिक बार इस परीक्षण की आवश्यकता हो सकती है।

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