मिलिए पांच दोस्तों से जो शिवलिंग पर चढ़े दूध से गरीब एवं अनाथ बच्चों की भूख मिटा रहे है !

इस यूनिक आईडिया के पीछे भी एक शानदार कहानी है । करण गोयल के माता-पिता अक्सर करण को नजदीकी शिव मंदिर में दूध चढाने ले जाते थे । करण को शिवलिंग पर दूध चढ़ाना अच्छा नहीं लगता था क्योंकि वो मानते थे कि इससे दूध का दुरूपयोग हो रहा है ।शिवलिंग पर दूध चढाने के बजाय गरीब बच्चों का पेट इस दूध से भरा जा सकता है ।

इस समस्या के निजात के लिए उन्होंने अपने दोस्तों से बात की और कई स्तरीय बातचीत एवं रिसर्च के बाद उन्होंने एक डिवाइस का निर्माण किया जो धार्मिक भावनाओ को ठेस पहुंचाए बिना दूध बचा सकती थी । इसके लिए उन्होंने मंदिर आने वाले भक्तों को भी जागरूक करने का फैसला किया और पेम्पलेट एवं बातचीत के जरिये लोगों के बीच इस उत्तम विचार को फैलाया गया जिसके चलते अपने पहले ही प्रयोग में उन्होंने 150 लीटर दूध बचा लिया ।

करण और उनकी टीम ने स्टील का ट्रिपॉड बनाया जो शिवलिंग के ऊपर आसानी से आ सके । इसके बाद उन्होंने सात लीटर का एक स्टील का कलश उपयोग में लिया जिसमें दो छिद्र थे । पहला छिद्र कलश के निचले हिस्से में था जिससे दूध शिवलिंग पर चला जाता है । दूसरा छिद्र कुछ ऊंचाई पर था और उससे एक नाली लगी हुई थी जो एक अन्य कंटेनर से जुड़ती है । अब कलश में ऐसा सिस्टम बनाया गया कि जैसे ही एक लीटर दूध शिवलिंग पर चढ़ जाता है बाकि बचा छह लीटर दूध नली के जरिये कंटेनर में चला जाता है । इस तरह शिवलिंग पर अनवरत दूध का अभिषेक भी होता है और एक्स्ट्रा बचा दूध अन्य कंटेनर में जमा हो जाता है ।

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एक मंदिर में लगी दूध बचाने की मशीन | साभार : India Against Hunger के फेसबुक पेज से
कंटेनर में इकठ्ठा हुए दूध की क्वालिटी चेक की जाती है और सब कुछ सामान्य पाए जाने पर उस दूध को नजदीकी अनाथ आश्रम या समाज सेवी संस्थान को पहुंचा दिया जाता है । करण और उनकी टीम ने शहर में स्थित पराग मिल्क फूड्स नामक कम्पनी से संपर्क किया जिसने दूध की क्वालिटी को बनाये रखने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए जिनमे स्टील के बर्तन के उपयोग से लेकर सिर्फ दूध चढ़ाने के लिए भक्तों को जागरूक करना शामिल है ।

करण और उनकी टीम ने अपने यूनिक आईडिया को आगे ले जाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया और फेसबुक एवं व्हाट्सप्प के जरिये देश के कई शहरों के लोगों को अपना यंत्र इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित कर रहे है ।

इस तरह का यूनिक आईडिया देने वाले दोस्तों का नाम है निशांत सिंघल, अनमोल शर्मा, अंकित चौधरी, चर्चित कंसल एवं करण गोयल । इन दोस्तों ने मिलकर मात्र 2500 रुपये में ऐसी डिवाइस का निर्माण किया है जो बिना धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाए दूध का बचाव कर रही है । उन्होंने अपने क्षेत्र के मंदिर के पुजारी से बात करते हुए इस यंत्र को शिवरात्रि के एक दिन पहले शिवलिंग के ऊपर स्थापित किया ।

मंदिर के बाहर भक्तों को जागरूक किया गया कि वो शुद्ध दूध ही चढ़ाये और फूल-पत्तिया या मिठाईया न मिलाये । पहले ही दिन उन्होंने लगभग 150 लीटर दूध बचाया जिसे अनाथ आश्रम में बच्चों के साथ ही गरीबों में बांटा गया । दूध की क्वालिटी को टेस्ट किया गया और उसे पूर्णतया: पीने योग्य होने पर ही गरीब बच्चों में बांटा गया ।

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