सरकार की इस योजना के तहत बेरोजगारों को हर दिन मिलेगा 2000 तक कमाने का मौका?

 

क्या हम इंटरनेट पर जो कुछ भी पढ़ते हैं या देखते हैं वो सब सच होता है? सोशल मीडिया पर बहुत सारी गलत सूचनाएं और फर्जी खबरें भी भरी पड़ी हैं. अब एक वायरल मैसेज में यह दावा किया जा रहा कि केंद्र सरकार बढ़ती बेरोजगारी को देखते हुए इस नवरात्र पर बेरोजगारों को घर बैठे रोजगार का मौका देगी. इस वायरल मैसेज में दावा किाय गया, ‘अगर आपके पास भी स्मार्ट फोन है तो आप भी इस योजना में घर बैठे काम करके प्रति दिन 1000 से 2000 रुपये तक कमा सकते हैं. इसे लेकर PIB Fact Check की तरफ से ट्वीट कर कहा गया कि सरकार ऐसी कोई योजना नहीं चला रही है और यह दावा फर्जी है

#Whatsapp पर एक मैसेज में दावा किया जा रहा है कि बढ़ती बेरोजगारी को देखते हुए इस नवरात्र पर केंद्र सरकार बेरोजगारों को देगी घर बैठे रोजगार का मौका। #PIBFactCheck:- यह दावा फर्जी है। केंद्र सरकार द्वारा ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है।

Whatsapp पर शेयर करें

प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की तरफ से ट्वीट कर कहा गया, ‘दावा:- #Whatsapp पर एक मैसेज में दावा किया जा रहा है कि बढ़ती बेरोजगारी को देखते हुए इस नवरात्र पर केंद्र सरकार बेरोजगारों को देगी घर बैठे रोजगार का मौका. यह दावा फर्जी है. केंद्र सरकार द्वारा ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है.

बता दें कि देश में जारी कोरोना संकट के इस दौरान तमाम ऐसी खबरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं, जिसमें कई सरकारी योजनाओं के माध्यम से लोगों को पैसे मिलने की बात की जा रही है. पीआईबी ऐसे कई वीडियो के दावों की पोल खोल चुका है.

इससे पहले एक YouTube वीडियो में यह दावा किया जा रहा था कि केंद्र सरकार सभी के बैंक खातों में ‘प्रधानमंत्री जन सम्मान योजना’ के तहत ₹90,000 की राशि जमा कर रही है. पीआईबी के फैक्ट चेक में यह दावा भी फर्जी निकला. पीआईबी की तरफ से जानकारी दी गई कि केंद्र सरकार द्वारा ऐसी कोई योजना नहीं चलाई जा रही है.

प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने इंटरनेट पर प्रचलित गलत सूचनाओं और फर्जी खबरों पर अंकुश लगाने के लिए दिसंबर 2019 में इस तथ्य-जांच शाखा (PIB Fact Check) की शुरुआत की थी. यह दावा किया गया कि इसका उद्देश्य ‘सरकार की नीतियों और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर प्रसारित होने वाली योजनाओं से संबंधित गलत सूचना की पहचान करना’ था.

सरकार की तरफ से बार-बार ऐसी अपुष्ट रिपोर्टों को साझा न करने और केवल विश्वसनीय स्रोतों पर भरोसा करने की लोगों से अपील भी की जाती है.

Whatsapp पर शेयर करें

Comments are closed.