सरकार ने किया आगाह, सर्दियों में आ सकती है कोरोना की दूसरी लहर

 

देश में पिछले कुछ दिनों से कोरोना वायरस के नए मरीजों की संख्या और इस महामारी से होने वाली मौतों में कमी आई है। इस बात को नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने भी दोहराया है। पॉल ने रविवार को कहा कि पिछले तीन सप्ताह में कोरोना वायरस के नेए केस और इससे जुड़ी मौतों में कमी आई है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सर्दी के मौसम में कोविड-19 की दूसरी लहर से इंकार नहीं किया जा सकता।

यूरोप के नए मामलों का जिक्र किया
कोविड-19 वैक्सीन प्रशासन पर राष्ट्रीय एक्सपर्ट ग्रुप के अध्यक्ष पॉल ने एक साक्षात्कार में यूरोप में कोरोना के नए केस में हो रही वृद्धि का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में सर्दी के मौसम में कोविड-19 की दूसरी लहर आ सकती है। उन्होंने कहा, ‘भारत में ठंड के मौसम में हम कोरोना की दूसरी लहर से इंकार नहीं कर सकते। यह दोबारा हो सकता है क्योंकि इस समय हम वायरस के बारे में अभी जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।’

भारत की स्थिति पहले से बेहतर
नीति आयोग के सदस्य ने कहा कि भारत इस समय पहले से ज्यादा बेहतर स्थिति में है लेकिन देश को अभी और आगे जाना है क्योंकि देश की 90 प्रतिशत आबादी अभी भी इस महामारी के खतरे के दायरे में है। उन्होंने कहा, ‘भारत में पिछले तीन सप्ताह में कोरोना के नए केस और इससे होने वाली मौतों की संख्या में कमी पाई गई है और यह महामारी ज्यादातर राज्यों में अब स्थिर हो गई है। फिर भी केरल, कर्नाटक, राजस्थान, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और तीन-चार केंद्रशासित प्रदेशों में कोविड-19 के नए मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।’

वितरण एवं भंडारण में समस्या नहीं
पॉल ने कहा कि कोरोना की वैक्सीन उपलब्ध हो जाने पर यह लोगों के लिए उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने कहा कि बड़ी संक्या में वैक्सीन के स्टोरेज के लिए भारत में कोल्ड स्टोरेज की एक लंबी चेन है और जरूरत पड़ने पर इनका इस्तेमाल किया जा सकता है। पॉल ने कहा कि वैक्सीन के आ जाने पर भारत में उसके वितरण और रखरखाव में कोई समस्या नहीं होगी और इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक उपलब्ध कराया जा सकेगा। 

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