सोनीपत में मां-बाप ने अपने ही जवान बेटे को मार डाला, धारदार हथियार से किए 13 वार

दिल्ली से सटे सोनीपत जिले में माता-पिता ने अपने ही 30 साल के बेटे को मौत के घाट उतार दिया। बेटा कोई काम-धाम नहीं करता था। इसके अलावा उस पर कर्ज बहुत था और शराब पीकर वह माता-पिता को काफी परेशान भी करता था। बताया जा रहा है कि बेटे की इन्हीं हरकतों से परेशान होकर माता-पिता ने यह कदम उठाया। जागरण संवादादाता के मुताबिक, गोहाना के गांव बनवासा में माता-पिता ने तेजधार हथियारों से हमला कर अपने ही 30 साल के बेटे पवन की हत्या कर दी। बेटे पवन पर माता-पिता ने तेज धादार हथियारों से करीब 12-13 वार किए। इसके बाद घायल पवन की पीजीआइ रोहतक में उपचार के दौरान मौत हो गई। 

गांव बनवासा निवासी प्रवीण पत्नी व बच्चों के साथ करीब छह साल से अपने पिता रणबीर व माता किताबो से अलग रहता था। वहीं, प्रवीण का भाई पवन अविवाहित था। रविवार को रणबीर व किताबो ने अपने मकान का  द रवाजा अंदर से बंद करके पवन पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। शोर सुनने पर प्रवीण अपने घर से बाहर निकला और पवन के घर का दरवाजा खोलने की कोशिश की तो वह बंद मिला। इसके बाद प्रवीण अपने मकान की छत से पवन के मकान के अंदर गया तो वह गैलरी में लहूलुहान हालत में पड़ा मिला। रणबीर व किताबो के हाथ में तेजधार हथियार थे। पूछने पर माता-पिता ने कहा ‘जो करना था कर दिया’

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पता चला है कि पवन के सिर, चेहरे व हाथों पर तेजधार हथियारों से करीब 12-13 वार किए गए थे। प्रवीण अपने भाई पवन को सीधा पीजीआइ रोहतक ले गया, वहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

प्रवीण की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया गया है कि पवन पर कर्ज था और शराब के नशे में वह माता-पिता को परेशान करता था। वहीं, गांव में चर्चा है कि किताबो दूसरे गांव में किसी तांत्रिक के पास भी जाती थी। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर सकती है। गौरतलब है कि कुछ महीने के पहले लॉकडाउन के दौरान एक फौजी ने सोनीपत में अपने जवान बेटे की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी थी

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